पूरी दुनिया के युवाओं के लिए आदर्श बन गई है भीम सेना .विदेशो से दलित उद्योगपति पहुच रहे है भीम सेना से मिलने
| 27 Jul 2018

गुरुग्राम। तमाम बहुजन आंदोलन को लेकर हरियाणा के गुरुग्राम का गांव खांडसा विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। पिछले कुछ वर्षों में हुई दलित क्रांति ने गांव खांडसा के दलित समाज को सुर्खियों में ला दिया है और यह गांव खांडसा आज भारत के दलित समाज के लिए प्रेरणा स्थल बनता जा रहा है। बेशक वो हरियाणा की मशहूर डांसर सपना चौधरी की गाई हुई रागिनी के खिलाफ किए गए बहुजन आंदोलन की बात हो या फिर खांडसा में बहुजन समाज पर भीषण अत्याचार और मारपीट की बात हो। गांव खांडसा के दलित समाज ने जो एकता का परिचय दिया है वह देश में दलित समाज के लिए प्रेरणा बनता जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा एससी/एसटी एक्ट में किए गए बदलाव के विरोध में अखिल भारतीय भीम सेना ने दलित संगठनों के साथ मिलकर दो अप्रैल को भारत बंद करके तमाम राजनीतिक दलों को सोचने पर विवश कर दिया था। भारत की संसद में भी यह आवाज उठाई जाती रही है। यह पूरे देश ने देखा था कि भारत बंद आंदोलन में गुड़गांव बंद में गांव खांडसा की विशेष भूमिका रही थी। इस गांव का दलित समाज अब अत्याचारों से उबर कर भीम क्रांति की ओर अग्रसर हो रहा है।

नतीजन खांडसा की इन दलित क्रांतियों की गूंज विदेशों में भी है। खांडसा गांव की इस दलित क्रांति से प्रभावित होकर नार्वे के बिजनेसमैन एनआरआई राम सिंह खांडसा के बहुजन समाज के भीम क्रान्तिकारी योद्धाओं से मुलाकात करने रविवार की सुबह गांव खांडसा पहुंच रहे हैं। राम सिंह मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं और कई वर्षों से नार्वे में बिजनेसमैन हैं। वह अपने परिवार और अपने साथियों के साथ एकलव्य की धरती खांडसा पर दलित समाज के बीच पहुंच रहे हैं।

बहुजन संघर्ष समिति खांडसा और भीम सेना की खांडसा इकाई राम सिंह के स्वागत की तैयारियों में जुट गई है। इस दौरान भीम सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर, भीम सेना के राष्ट्रीय प्रभारी अनिल तंवर, भीम सेना के राष्ट्रीय महासचिव अभय सिंह, भीम सेना के प्रदेश महासचिव हरियाणा मीतू रविदासिया भी मौजूद होंगे। बहुजन संघर्ष समिति खांडसा अध्यक्ष एवं भीम सेना गुरुग्राम के जिलाध्यक्ष कैलाश रंगा ने बताया कि गांव खांडसा के बहुजन समाज के बीच में आने वाले राम सिंह का जोरदार स्वागत किया जाएगा। कैलाश रंगा ने बताया कि यह तीसरा मौका है जब विदेश से बहुजन क्रांति से प्रभावित होकर कोई वीआईपी हमारे बीच आ रहे हैं। जिन्होनें विदेश में भी भारत देश और बहुजन समाज का परचम लहराया है। ज्ञात हो कि इससे पहले सपना चौधरी जातिसूचसक रागिनी मामले में सऊदी अरब से विजय कुमार रोहलन और जिम्बाब्वे से देवेंद्र कुमार खांडसा आए थे। राम सिंह यह तीसरे वीआईपी हैं जो खांडसा की धरती पर बहुजन समाज की क्रांति से प्रभावित होकर उनके समर्थन में पहुंच रहे हैं। विदेश में भी खांडसा की इस बहुजन क्रांति का डंका बजता साफ देखा जा रहा है।

निश्चित तौर पर गांव खांडसा का दलित समाज पूरे देश के करोड़ों दलितों के लिए एक मिसाल कायम कर रहा है। इस गांव में नॉर्वे से राम सिंह का आगमन हो या जिम्बाब्वे से देवेंद्र कुमार और सऊदी अरब से विजय कुमार रोहलन का आगमन हो, गांव खांडसा के बहुजन समाज की क्रांति 21वीं सदी में बड़े बदलाव कर सकती है। बहरहाल राम सिंह के स्वागत की तैयारियां खांडसा के बहुजन समाज ने शुरू कर दी हैं। राम सिंह शनिवार की सुबह पहले अपनी जन्मस्थली पंजाब फ्लाइट से उतरेंगे और शनिवार की शाम खांडसा के लिए रवाना होकर रविवार 29 जुलाई 2018 की सुबह गुरुग्राम के गांव खांडसा पहुंच जाएंगे।

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