भारत बंद में गिरफ्तार हुए भीम सैनिकों की आवाज भी उठाए बसपा इनैलो- भीम सेना
| 10 Jul 2018

भारत बंद में गिरफ्तार हुए भीम सैनिकों की आवाज भी उठाए बसपा इनैलो- भीम सेना .भीम सेना के 10 हजार भीम सैनिकों ने बसपा-इनैलो के साथ दी गिरफ्तारी।दलित अधिकारों और ईवीएम मशीनों के लेकर भीम सेना गुस्से में।
बसपा-इनैलो गठबंधन के समर्थन में उतरी भीम सेना।
बसपा-इनेलो गठबंधन के एसवाईएल नहर के मुद्दे को लेकर जेल भरो आंदोलन में अखिल भारतीय भीम सेना के भीम सैनिकों ने भी अपनी गिरफ्तारियां दी। गुरूग्राम शहर और गांवों से भीम सेना के 10 हज़ार से ज्यादा कार्यकर्ता बसपा-इनेलो गठबंधन के समर्थन में गौशाला मैदान पहुंचे और अपनी गिरफ्तारियां दी। बहन मायावती जिंदाबाद, चौधरी ओम प्रकाश चौटाला जिंदाबाद और भीम सेना जिंदाबाद के नारों के साथ भीम सेना के कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे। भीम सेना के राष्ट्रीय प्रभारी अनिल तंवर और भीम सेना के जिलाध्यक्ष कैलाश रंगा के नेतृत्व में पहुंचे भीम सैनिकों ने बसपा-इनैलो गठबंधन के समर्थन में आवाज तो उठाई लेकिन भीम सेना बसपा-इनैलो के नेताओं को समाज के प्रति उनके कर्तव्य भी याद दिलाना नहीं भूली। भीम सेना ने बसपा-इनैलो गठबंधन को चेताया कि वे भारत बंद के दौरान गिरफ्तार किए गए भीम सैनिकों की आवाज भी उठाएं। एसवाईएल नहर की मुद्दे के साथ-साथ रोजगार, शिक्षा और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दों पर भी ध्यान दें। ज्ञात हो कि हरियाणा में भीम सेना ने बसपा-इनैलो गठबंधन को बिना शर्त अपना समर्थन दिया है। लेकिन गुरुग्राम में बसपा-इनैलो के जेल भरो आंदोलन में भीम सेना के कार्यकर्ताओं की दस हज़ार से ज्यादा की गिरफ्तारी ने भाजपा के साथ-साथ बसपा-इनैलो की भी नींद उड़ा दी है। माना जा रहा है कि गुरुग्राम में बसपा-इनैलो के इस आंदोलन को भीम सेना की ही मुख्य भूमिका रही है और भीम सेना ही इस आंदोलन के पीछे काम कर रही थी।

गौरतलब है कि गत 2 अप्रैल को एससीएसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए बदलाव के विरोध में दलितों के भारत बंद में हरियाणा सहित पूरे भारत में एक हज़ार से ज्यादा दलितों को गिरफ्तार किया गया था। मेरठ में बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा सहित बसपा और भीम सेना के हज़ारों कार्यकर्ता अलग-अलग जेलों में बंद हैं। यहां तक कि भीम सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर और भीम सेना के राष्ट्रीय प्रभारी अनिल तंवर पर गुरुग्राम सहित भारत के करीब 10 राज्यों में 25 मुकदमें दर्ज है। यदि पुलिस की मानें तो भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर और अनिल तंवर पुलिस के रिकॉर्ड में फरार चल रहे हैं। गुरुग्राम में तो जिला अदालत ने नवाब सतपाल तंवर और अनिल तंवर की अग्रिम जमानत याचिका को यह दलील देते हुए खारिज कर दिया था कि भीम सेना के ये दोनों कमांडर राष्ट्रविरोधी हैं। भीम सेना के संस्थापक नवाब सतपाल तंवर पर मेरठ की पुलिस ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। भीम सेना प्रमुख सतपाल तंवर पर सहारनपुर के एक विधायक और फूलन देवी के हत्यारे शेर सिंह राणा की हत्या करने की साजिश रचने का आरोप है। यहां तक कि भीम आर्मी के आंदोलन के दौरान सहारनपुर में सतपाल तंवर पर तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे जोकि सहारनपुर की पुलिस ने इसी साल खारिज कर दिए। सहारनपुर के एसएसपी पर भीम सेना का पक्षपात करने के आरोप लगे और अभी वर्ष 2018 के जून महीने में एसएसपी बबलू कुमार का तबादला मथुरा कर दिया गया। सतपाल तंवर ने भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आजाद को अपने यहां शह दी थी और दिल्ली में दलितों का सबसे बड़ा आंदोलन अंजाम दिया था। बावजूद इसके देश के अलग-अलग राज्यों में सतपाल तंवर और अनिल तंवर खुले घूम रहे हैं। खुफिया रिपोर्ट की मानें तो गुरुग्राम पुलिस या अन्य किसी भी राज्य की पुलिस भीम सेना के कमांडरों सतपाल तंवर और अनिल तंवर पर सिर्फ इस वजह से हाथ डालने से कतरा रही है कि इन दोनों दलित नेताओं को यदि गिरफ्तार किया जाता है तो देश में जातीय दंगे हो सकते हैं। वजह यही है कि भीम सेना का खौफ मौजूदा भाजपा सरकार के गले की फांस बना हुआ है।

ज्ञात हो कि भीम सेना ने इसी वर्ष 2 अप्रैल को भारत बंद किया था। जिसमें दंगे हुए थे और गुरुग्राम को भी भीम सेना ने डंडे के जोर पर बंद करा दिया था। भीम सेना की संख्या इतनी अधिक थी कि गुरुग्राम पुलिस चुटकी भर नज़र आ रही थी। नतीजन भीम सेना ने राष्ट्रीय राजमार्ग को करीब दो घंटे तक जाम रखा। गुरुग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह डेढ़ घंटे जाम में फंसकर राष्ट्रीय राजमार्ग राजीव चौक पहुंचे थे और जाम खुलवाया था। इस दौरान कांग्रेस ने भी भीम सेना के इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया था और कैप्टन अजय यादव भी भीम सेना के भारत बंद को अपना समर्थन देने पहुंचे थे।

भीम सेना ने बसपा-इनैलो गठबंधन को खुले शब्दों में कहा कि भारत बंद में गिरफ्तार किए गए भीम सैनिकों की आवाज उठाएं। हरियाणा में भी अनेकों भीम सैनिक जिलों में निर्दोष बंद हैं। इसके अलावा पूरे भारत में हज़ारों भीम सैनिकों को निर्दोष जेल में डाला गया है। बसपा और इनैलो नेतत्व को भीम सेना ने चेताया है कि भारत बंद में गिरफ्तार किए गए भीम सैनिकों को रिहा कराने के लिए सरकार पर दवाब बनाएं और आंदोलन करें। साथ ही ईवीएम घोटाले को भी तत्परता से उठाकर ईवीएम बंद करने के लिए आंदोलन चलाएं। अन्यथा भीम सेना 2019 के चुनावों में ईवीएम तोड़ने का काम करेगी, बेशक वो विधानसभा के चुनाव हों या लोकसभा के चुनाव हों। भीम सेना ने धमकी दी है कि यदि बसपा और इनैलो गठबंधन ने दलितों की आवाज नहीं उठाई तो वे हरियाणा में चुनाव नहीं होने देंगे और भाजपा सरकार ने ईवीएम बंद नहीं की तो पूरे देश में ईवीएम मशीनों को तोड़ने के लिए भीम सेना तैयार है।