Astral Pipes की पहल: खुले में शौच थी गाँव की समस्या, पुरुषों को समझाने के लिए महिलाओं ने निकाला तरीका
| 26 May 2017

Astral Pipes की नई फिल्म ग्रामीण पुरूषों की मानसिकता में अनिवार्य बदलाव के लिए एक ठोस प्रेरक संदेश प्रदान करती है

खुले में शौच एक ऐसी समस्या है जिसके बारे में हाल के समय में बहुत कुछ कहा जा चुका है लेकिन लोगों की आदतों में शायद ही कोई बदलाव आया है। जहां तमाम लोग अभी भी खुले में शौच जाते हैं, वहीं कुछ ब्रांडों ने इस सामाजिक बुराई को मिटाने की दिशा में लोगों को खुले में शौच से रोकने की ज़रूरत के प्रति जागरूक करने का बीड़ा उठाया हुआ है। भारत सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी नागरिकों का आह्‌वान किए जाने के बाद से इस दिशा में प्रयासों में विशेष रूप से तेज़ी देखी गई है। इस दिशा में अपनी अग्रणी भूमिका निभाते हुए Astral Pipes ने अपनी नवीनतम फिल्म के माध्यम से इस विषय पर एक सामाजिक संदेश प्रस्तुत किया है।

खुले में शौच, ग्रामीण भारत की एक पुरानी स्वच्छता समस्या है, जिसमें महिलाओं को अधिक परेशान होना पड़ता है क्योंकि उनकी सुरक्षा की सदैव अनदेखी की जाती है और समझौता किया जाता है। यहां तक कि खुले में शौच ग्रामीण महिलाओं के लिए एक प्रताड़ना की तरह है, एक ऐसी समस्या, जिसकी पुरूषों द्वारा अनेक पीढ़ियों से अनदेखी की जाती रही है-जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं को खुले में शौच जाने के लिए मज़बूर होना पड़ता है और उनके साथ छेड़खानियों, तानाकशी और यहां तक कि बलात्कार जैसी भी घटनाएं हो जाती हैं। इस दुर्दशा को उजागर करते हुए Lowe Lintas ने Astral Pipes के लिए एक अद्वितीय विचार प्रस्तुत किया, जिसके तहत यह दिखाया गया है कि अब महिलाओं के लिए समय आ गया है कि वे स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों के निर्माण हेतु भारत सरकार द्वारा वित्तपोषण के बावजूद पुरूष सदस्यों के इस उपेक्षापूर्ण रवैये के खिलाफ उठ खड़ी हों।

इस सामाजिक कार्य से जुड़ने को लेकर अपने विचार व्यक्त करते हुए, Kairav Engineer, सीनियर बिज़नेस डेवेलपमेंट मैनेजर, Astral ने कहा कि, "Astral Pipes CPVC पाइप श्रेणी में अग्रणी है। कार्यकुशल जल प्रबंधन उत्पाद बनाने की दिशा में हमारा एकमात्र फोकस, हमारे नेतृत्व का आधार है। लेकिन एक ओर जहां हम अपने देश में स्वच्छता प्रबंधन की गुणवत्ता सुधारने वाले उत्पाद बनाने की दिशा में अग्रणी हैं, वहीं अभी भी हजारों महिलाएं ऐसी हैं जो बुनियादी स्वच्छता सुविधाओं से वंचित हैं और उन्हें खुले में शौच जाने के लिए मज़बूर होना पड़ता है। इस अभियान के माध्यम से हमें न केवल यह उम्मीद है कि इस समस्या से सर्वाधिक ग्रस्त लोग खुले में शौच की बुराईयां समझेंगे, बल्कि इससे जनसामान्य के बीच सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा एक जिम्मेदार कार्पोरेट नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने में भी हमें मदद मिलेगी।"

इस फिल्म की पृष्ठभूमि ग्रामीण है जिसमें कुछ व्यक्ति सदियों पुरानी प्रथा को ढोते हुए खेतों में कतार लगाए नज़र आते हैं। जहां यह दिखने में साधारण दृश्य नज़र आता है, वहीं वास्तव में यह चिंताजनक प्रवृत्ति है कि लोग हर सुबह शौच के लिए बाहर खुले में जाते दिखते हैं। इस प्रथा के कारण अधिकांश ऐसी महिलाओं को भी ऐसा करने के लिए बाध्य होना पड़ता है जो वास्तव में ऐसा करने की अनिच्छुक होती हैं। इससे भी बुरी बात यह है कि शौच के लिए बाहर जाते समय उन्हें हर समय यह भय बना रहता है कि कोई उन्हें ताड़ रहा होगा या छेड़छाड़ कर सकता है, ऐसे में महिलाओं के पास बहुत कम विकल्प बचते हैं क्योंकि पुरूष उन खतरों से बेपरवाह रहते हैं जिनका वे रोज सामना करती हैं। लेकिन यह अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और महिलाएं पुरूषों को सबक सिखाने का तरीका खोज निकालती हैं।

नैतिक दल के रूप में कार्य करने वाली महिलाएं एकजुट होकर पुरूषों का घेराव करती दिखती हैं, जो सुबह-सुबह लोटा लेकर खेतों में जाते हैं। समवेत स्वर में उनकी बुलंद आवाज़ पुरूषों की सोच पर कटाक्ष करते हुए सार्थक संदेश देती है कि खुले में शौच के मामले में पुरूष, महिलाओं द्वारा सामना किए जाने वाले खतरों की अनदेखी करते हैं। वे उन्हें अहसास कराती हैं कि परिस्थितियों पर निर्भर रहने के बजाय घरों में शौचालय का निर्माण कराया जाना कितना महत्त्वपूर्ण है। अंत में, पुरूषों को अहसास होता है कि घर में शौचालय बनवाना ज़रूरी है क्योंकि इससे महिलाओं को सुरक्षा की भावना का अहसास होता है और बुनियादी साफ-सफाई तथा स्वच्छता बनाए रखने में भी मदद मिलती है।

इस अभियान पर प्रकाश डालते हुए Sagar Kapoor, ED, Lowe Lintas ने कहा कि, "Astral ब्रांड के साथ इस सामाजिक अभियान के सफर पर आगे बढ़ना हमारे लिए बड़े हर्ष की बात है। अनेक ब्रांडों और प्राधिकारियों ने खुले में शौच के मुद्‌दे को गंभीरता से लिया है और उन सराहनीय प्रयासों के बावजूद अभी भी इस क्षेत्र में बहुत कुछ किया जाना बाकी है। विडम्बना यह है कि ग्रामीण पुरूषों की सोच इस मुद्‌दे को हल्के में लेती है जबकि महिलाओं के लिए यह अभिशाप की तरह है, जबकि दूसरी ओर खुले में शौच के खतरनाक परिणाम महिलाओं से छेड़खानियों, बलात्कार, और हत्याओं तक के रूप में दिखाई पड़ते हैं। इसलिए हमारी इस प्रस्तुति में एकदम अलग टोन और पिच का उपयोग करते हुए न केवल जागरूकता बढ़ाने, बल्कि समाज में बदलाव लाने का भी प्रयास किया गया है।"

इस फिल्म को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया गया है और डिजिटल माध्यमों में इसे व्यापक ढंग से प्रचारित किया जाएगा।
देश में प्रो-इंडिया प्लम्बिंग और ड्रेनेज सिस्टम्स निर्मित करने के ध्येय के साथ Astral Poly Technik Limited की स्थापना 1996 में की गई। लाखों घरों की प्लम्बिंग संबंधी ज़रूरतें पूरी करते हुए, कंपनी ने भारत में रियल एस्टेट क्षेत्र के विकास में अतिरिक्त योगदान किया। नवप्रवर्तनों पर केंद्रित के रूप में प्लम्बिंग उद्योग में हमारा योगदान, बेजोड़ गुणवत्ता का प्रतीक है। Astral Poly Technik की तीन उत्पादन इकाईयां हैं जो प्लम्बिंग सिस्टम्स, ड्रेनेज सिस्टम्स, एग्रीकल्चरल, इंडस्ट्रियल और इलेक्ट्रिकल कंडुइट पाइपों व सभी प्रकार की आवश्यक फिटिंग्स का उत्पादन करती हैं।

हम 'ग्राहक केंद्रित' कंपनी भी हैं क्योंकि हम उत्कृष्टता को नई ऊंचाईयों पर ले जाने की सोच के साथ सेवाएं देते हैं। हमारे गुणवत्तापरक उत्पादों और सेवाओं के माध्यम से हमने अनेक प्रकार से प्रो-इंडिया कंपनी होने का मानक भी हासिल किया है।

Astral ने आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में प्रत्येक ज़रूरत के लिए सही समाधान उपलब्ध कराने के लिए भारत, UK और US में एड्‌हेसिव कंपनियां अधिगृहीत करके एड्‌हेसिव उद्योग में एक नया बेंचमार्क कायम किया है। ये इकाईयां अत्याधुनिक खूबियों और उत्कृष्ट आधुनिक तकनीक से सुसज्जित हैं।