एक कविता
| 31 Mar 2017

ये सरकार ये सरकार
ये मोदी बाबू की सरकार
ये है गुंडों की सरकार
ये है मक्कारों की सरकार
इनको जूते मारो चार , इनको जूते मारो चार
ये है गुंडों की सरकार

ये है दंगो की सरकार
है धूर्तो की सरकार
ये देश के गद्दारों की सरकार
ये है गो-आतंकियो की सरकार

इनको मारो जूते चार , इनको मारो जूते चार

ये है रोहित वेमुला के हत्यारों की सरकार
ये है डेल्टा मेघवाल के हत्यारों की सरकार
ये है अख़लाक़ के हत्यारों की सरकार
ये है सैनिको के हत्यारों की सरकार
इनको मारो जूते चार इनको मारो जूते चार


ये है करकरे के हत्यारों की सरकार
यह मालेगाव के लोगो के हत्यारों की सरकार
ये है मनुस्मिरिती की सरकार
ये है पखन्डियो की सरकार
इनको मारो जूते चार

देश में मच गया हाहकार
देश में मच गया हाहकार
शिक्षा को खत्म कर रहे बारम्बार
ये है पूंजीपतियो की जेब भरने वालो की सरकार
किसानो के हत्यारों की सरकार
इनको मारो जूते चार